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Bas tumhare liye

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Tags: Bas tumhare liye

About the Book - " बस तुम्हारे लिये " भावों का शब्दकोश है , जो प्यार रूपी चाहत के आसमां में अपना सफर तय करते हुए हकीकत की जमीन का सामना करता है , फिर दर्द के भावों से गुजरते हुए सूने - सूने से लम्हों में जीने को बेबस होता है और तब एक नयी उमंग के साथ सकारात्मकता की ओर कदम बढ़ाते हुए आगे बढ़ता है । अंततः कुछ हाइकू और माँ की ममता के भाव में खोकर पूर्णता प्राप्त करता है । इस तरह ये कविता संग्रह प्यार , यथार्थ , दर्द , रीते लम्हों , सकारात्मक सोच जैसे तमाम भावों को अपने में समाहित किए है । भावों की मुकम्मल दास्तान है ये किताब , जिसमें वृद्धाश्रम का दंश झेल रहे इंसान के सोच की कशमकश भी है तो इंसानी रिश्तों की पोल खोलती हकीकत भी । एक ऐसी किताब , जिसमें हर संवेदनशील इंसान खुद को कहीं न कहीं पाएगा और गोते लगाएगा अहसासों के गहरे समंदर में । About the Author - बिहार के मुजफ्फरपुर में जन्मी मीनाक्षी सिंह , गुजरात के वापी को अपनी कार्य स्थली बना चुकी हैं । लंबे समय से विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं में लिखती रही हैं । दो साझा काव्य संग्रह और एक कहानी संग्रह प्रकाशित । खोखले सामाजिक हकीकत को बेहद उम्दा तरीके से भावों और शब्दों में पिरोती हैं । इनकी लेखनी सच और बेबाकी का खूबसूरत समन्वय होता है । मीनाक्षी की कलम इंसानी रिश्तों की मनोवैज्ञानिक परख रखती हैं और हमें नये सिरे से सोचने को प्रेरित करती है ।
book
Author Minakshi Singh
Language Hindi
Binding Paperback
Brand Anjuman Prakashan

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