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Mujhe Tumhare Jane Se Nafrat Hai

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Tags: Mujhe Tumhare Jane Se Nafrat Hai

‘मुझे तुम्हारे जाने से नफ़रत है’ पढ़ना वैसा ही है, जैसा SMS के बीप पर कौंधना; या किसी ख़ास मेल के इंतज़ार में, इनबॉक्स को बार-बार रिफ़्रेश करना; किसी Romantic गीत को सुनकर गुम हो जाना; या सैड सॉंग सुनकर उदास हो जाना| ऐसी कहानियाँ, जिसे पढ़ते हुए आप वहीं ठहर जाते हैं, किताब के बीच उँगलियाँ फँसाकर, स्याह शब्दों के बीच खो जाते हैं; क्यूँकि वहाँ आप ख़ुद को लिखा पाते हैं| कभी अपनी ऊँगली काट कर, ख़ून से प्रेम पत्र लिखते हुए; तो कभी किसी के साथ लास्ट कॉफ़ी पीकर आगे बढ़ जाते हैं| किसी स्टेशन पर बिताई एक रात; या किसी के चले जाने पर, उसे नहीं रोक पाने की कसक, जो आपको अंदर ही अंदर कचोटती रहती है| ख़ुद के ख़त्म हो जाने से पहले कह दीजिये कि ‘मुझे तुम्हारे जाने से नफ़रत है’


About the Author

फ़िलव़क्त दारे-सलाम, तंज़ानिया (अफ़्रीका) में रह रही प्रियंका ओम बिहार में जन्मी और पली-बढ़ी हैं। प्रियंका आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं; इनका पहला कहानी संग्रह ‘वो अजीब लड़की’ ही इनका परिचय है। किताब की लोकप्रियता ऐसी है, जिसने दो साल में ही लेखिका को आम से ख़ास बना दिया है। पाठकों ने समय-समय पर इनको कई नामों से पुकारा है; किसी ने ह़र्फ़जादी कहा, किसी ने फिलिंगस्टर, और किसी ने हिन्दी लेखन की रॉकस्टार; लेकिन प्रियंका ख़ुद को पाठकों का कहानीकार कहलाना पसंद करती हैं। अपने खुले विचारों और कहानियों को लेकर विगत दो वर्षों से हिन्दी पाठकों के बीच ख़ासा चर्चा में रह रहीं प्रियंका ओम, उन मुठ्ठीभर कथाकारों में से हैं, जो ‘सच को सच' और ‘झूठ को झूठ' कहने का बुलंद हौसला रखते हैं। इनकी कहानियों में ग़ज़ब की क़िस्सागोई होती है। ‘मुझे तुम्हारे जाने से ऩफरत है’ इनका दूसरा कहानी संग्रह है।


book
Author Priyanka Om
Language Hindi
Binding Paperback
Brand Redgrab books

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Arthla